Tuesday, 7 September 2021

मेरा अस्तित्व

इस पूरी कायनात में मेरा वजूद बस इतना है,
अथाह सागर में एक नन्ही सी बून्द का जितना है,

ये सच है, में कितना भी बड़ा बन जाऊं, मेरी बस इतनी ही औकात है,
और जब इतनी ही औकात है, तो मेरे अभिमान और अहम् की तो क्या ही बिसात है.

एक काल्पनिक दुनिया बना ली है मैंने, जिसमें एक खास किरदार निभा रहा हूँ,
सच से आँखे मूँद ली है, बंद आँखों से

अपनी दुनिया सजा रहा हूँ,

सच तो ये है कि खुद के पूरे शरीर पर भी मेरा बस नहीं चलता है,
पर किसी और पर बस ना चलना, कभी कभी मुझे काफी खलता है..

कभी तो कोई आडंबर रच के लोकप्रियता के झंडे गाड़ लेता हूँ,
कभी 4 केले ,एक कंबल बांट के खुद को खुदा मान लेता हूं , 

सच है कि प्रकृति की अनुकम्पा से चलते मेरे सारे काम है,
पर मैं ये मान चलता हूँ की ये प्रकृति तो मेरी ही गुलाम है,

लोभी हूं , कुछ प्रिय सा देख मन भी मचलता है ,                    क्रोधी हूं ,पर जाने क्यों क्रोध कमजोरों पर ही निकलता है ,


आत्म अवलोकन की आवश्यकता को जीवन से हटा देता हूँ,
पर औरों का अवलोकन कर उनके चरित्र की सारी कमियां बता देता हूँ,

कुछ अच्छा है तो मैंने किया है,  कुछ बुरा है तो कोई और ही गुनाहगार है,
शायद मेरा ये अहम् ही रावण और कंस का कलयुगी विस्तार है..

सीमा तो इसकी भी होगी, एक दिन नियति भी फल देगी,
मेरे कल्पित कोमल गालों पर सच का थप्पड़ जड़ देगी,

जीवन की क्षण भंगुरता से जब मेरा परिचय होगा,
खुद को बौना मानूंगा , प्रकृति का जय जय होगा...

 
अहम् को फिर में त्यागूंगा, ईश्वर में मेरा विलय होगा,
तब अस्तित्व मेरा बौना ही सही, लेकिन गरिमामय होगा, लेकिन गरिमामय होगा.....

Monday, 27 July 2020

कारगिल विजय दिवस 26 जुलाई

एक तरफ तो दोस्ती का, हाथ हम बढ़ा रहे,
वह धीरे-धीरे रेंग कर मेरी ज़मीं पे आ रहा l
एक तरफ तो मैत्री की बस हम चला रहे,
वो दोगला चरित्र अपना, आज भी दिखा रहा l
वो भूल बैठा, घुस रहा है, शेर की ही मांद में,
गीदड़ों की फौज ले के शेर को डरा रहा ?
तो सुन ले आज के तेरी असलियत दिखाएंगे,
दुम दबा के भागेगा, ऐसा सबक सिखाएंगे l
विक्रम, मनोज नाम से कांपेगी तेरी पीढ़ियां,
संजय, योगेंद्र जैसे तो ख्वाबों में तेरे आएंगे,
आकर तुझे सताएंगे l
26 जुलाई हर बरस, जलेगा यूं ही ख़ून तेरा,
हम हर बरस गर्व से "विजय दिवस" मनाएंगे,
हम हर बरस इसी तरह "विजय दिवस" मनाएंगे..

जय हिंद !   
स्वरचित : "कुलभूषण शर्मा"